Monday, August 24, 2020
Home भारत नहीं रहे हिन्दू ह्रदय सम्राटों में से एक : मा० चिन्तामाणि !

नहीं रहे हिन्दू ह्रदय सम्राटों में से एक : मा० चिन्तामाणि !

गोरखपुर : मा० चिन्तामाणि अतयन्त कर्मठ और सच्चे समाज सेवक थे,उन्होने हिन्दू धर्म सभा विष्णु मंदिर के अध्यक्ष तथा मत्री पद को संभालते हुए अनेको ऐसे कार्य किये जो समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। उन्होंने राम जन्म भूमि आंदोलन में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज जो विष्णु मंदिर का स्वरुप है उसका मैप और अयोध्या के श्रीराम मंदिर के मैप को मा० चिन्तामाणि जी ने ही बनवाया था , इन मैप को श्री चिन्ता माणि त्रिपाठी ने अपने प्रधानता काल में बनवाया था। उनके नेतृत्व में ही हिन्दु धर्म सभा के कार्यकारिणी के सहयोग से हिन्दु धर्म सभा का प्रथम संविधान बनाया गया था। लम्बे समय तक विष्णु मंदिर वैकाक की सेवा करने के पश्चात, वे विश्व हिन्दु परिषद ,आर एस एस से जुड़े ,तथा संघ चालक और वी एच पी के अध्यक्ष पद के दायित्व का कुशलता पुर्वक निर्वाह किया।

अटल जी के प्रिय थे
मा० चिन्तामाणि जी को पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल जी का भी प्रिय माना जाता था। अटल जी समय – समय पर उन्हें पत्र लिख उनसे सुझाव माँगा करते थे। मा० चिन्तामाणि जी का स्वाभाव इतना सरल था की कोई भी उनसे प्रभावित हो जाता था।

चंद्रकांत सोमपुरा, (अयोध्या राम मंदिर के वास्तुकार) को श्री त्रिपाठी जी ने थाईलैंड आमन्त्रित किया और अपने कुशल नेतृत्व में विष्णु मंदिर मंदिर के डिजाइन को स्वरूप दिया। वर्तमान विष्णु मंदिर का स्वरूप इन्हीं के नेतृत्व में बना है।

मा० चिन्तामाणि जी जब तक वैकाक मे रहे धर्म और सामाज के हित में काम करते रहे, मा० चिन्तामाणि जी गोरखपर के टाड़ा गॉव में 92 बर्ष की आयु में स्वर्गस्थ हुए , हालांकि उनका जन्म भारत में हुआ था,लेकिन कर्म भूमि थाईलैण्ड थी। उन्होंने धर्म प्रचार को लेकर और समाज सुधारक कार्यों को थाईलैंड में भी बहुत बढ़ावा दिया। आज भी थाईलैंड के लोग उनको स्मरण करते हैं। ऐसी पुण्य आत्मा को हम सभी का शत शत नमन, उनकी आत्मा को शान्ति मिले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

पवन सिंह : गोरखपुर का रैम्बो

गोरखपुर : रैम्बो नाम आते ही हमारे दिमाग में एक ऐसे व्यक्ति की छवि आती है जो गरीबो का मसीहा हो और...

विधायक पुत्र ने अपने ऊपर लगे सारे आरोप को बेबुनियाद बताया : दिया सबूत

32 करोड़ 76 लाख की देनदारी को लेकर सारा मामला है। गोपीगंज : कृष्ण मोहन तिवारी द्वारा लिखाये गए...

नहीं रहे हिन्दू ह्रदय सम्राटों में से एक : मा० चिन्तामाणि !

गोरखपुर : मा० चिन्तामाणि अतयन्त कर्मठ और सच्चे समाज सेवक थे,उन्होने हिन्दू धर्म सभा विष्णु मंदिर के अध्यक्ष तथा मत्री पद को...

किसानों के लिए अवसर में तब्दील हुआ कोरोना काल: कैलाश चैधरी

कोरोना काल पूरी दुनिया के लिए संकट का काल है, लेकिन देश में कृषि क्षेत्र की उन्नति और किसानों की समृद्धि के...

Recent Comments

%d bloggers like this: